राष्ट्रीय फल है यह ,सभी फलों का राजा।।
टिकोले भी हम खाते,चटनी भी बनाते।
अमावट अचार गुड़म्मा,आमाबट बनाते।।
अमझोरा पीकर हम सब,हैं गर्मी भगाते।
पकाकर हम लगाते, हम लू को भगाते।।
पकने के बाद हम चूस-चूसकर हैं खाते।
शर्बत ,आइसक्रीम व फ्रूटी भी हम बनाते।।
मालदा,बीजू,बम्बईया,लंगड़ा, व दशहरी।
गुलाबखश,सिन्दूरी पैबन्दी,और तोतापरी।
आओ सखियाँ आओ,मिलजुल कर खाओ।
कैसा लगा आम तुझे? जरा खाकर बताओ।
सुजाता प्रिय 'समृद्धि'
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