बढे चलो (प्रेरणा गीत)
बढे चढे,बढे चलो रुके नही कभी कदम।
सतत मन धैर्य ले,हौसला नही हो कम।
चले जिस मुकाम पे,सफल उसे करो सदा।
गिरे तो उठकर दिखा,पुरुषार्थ रहे सर्वदा।
रुको नही,झुको नहीं उठो-उठो बढा कदम।
सतत मन धैर्य ले.........
उद्देश्य मान में जीत की,लक्ष्य तक बढे चलो।
नव-राह भी गढे चलो,चढ़ाव पर चढ़े चलो।
बढा कदम,बढा कदम,चले चलो कदम-कदम
सतत मन धैर्य ले.............
सफलता ही लक्ष्य है,हार कभी न मानना।
जन-गण-धन हित,रार सदा ही ठानना।
विजय करो,विजय करो,उठो वीर ठोक खम।
सतत मन धैर्य ले.................
सुजाता प्रिय 'समृद्धि'