गाँधी जी के तीन बंदर
गाँधीजी के तीन बंदरों ने,
तीन बातें हैं हमें सिखाई।
बुरा किसी का कभी न देखो,
बुरा किसी का कभी न सीखो,
बुराई पर मत तुम नजरें फेंको,
आँखे ढककर है हमें सिखाई ।
बुरी बात तुम कभी न सुनना।
बुरा किसी को कभी न कहना।
बुराई को अपने चित्त न धरना।
कान ढक - कर हमको बताई।
जब बोलने को मुख खोलो।
अपने शब्दों को पहले तोलो।
बुरी बात तुम कभी न बोलो।
मुँह ढक - कर है हमें बताई।
सुजाता प्रिय 'समृद्घि'
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