रिमझिम रिमझिम आयी बरसात।
मीठी फुहारों की लायी सौगात।
रिमझिम-रिमझिम.................
झूम-झूमकर झूमे रे बदरिया।
काली-काली बिखरी कजरिया।
लहर-लहर लहराई ।
आसमान में छाई।
हवा के झोंके को लेकर साथ।
मीठी फुहारों की लायी सौगात।
रिमझिम-रिमझिम...............
चम-चम चमके बिजुरिया ।
कड़-कड़ कड़के बदरिया।
रूई - जैसी वह लरजे।
गड़-गड़,गड़-गड़ गरजे।
सखी -घन से कुछ करती बात।
मीठी फुहारों की लायी सौगात।
रिमझिम-रिमझिम...............
टप-टप,टप-टप टपके।
लप-लप,लप-लप लपके।
इधर-उधर कभी भटके।
और मारे सौ-सौ झटके।
धूम मचाती दिन और रात।
मीठी फुहारों की लायी सौगात
रिमझिम-रिमझिम..................
सुजाता प्रिय'समृद्धि'
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