बिराज रहे घर-घर महादेव
देवघर भी जाना है, बासुकीनाथ भी जाना है,
मेरे भोले बाबा का, घर में भी ठिकाना है।
मन में भी शंकर महादेव
विराज रहे................
फूल भी चढाना है, बेलपत्र भी चढ़ना है।
अपने भोले-बाबा को भांग भी चढाना है।
संकट लेते सब हर महादेव
विराज रहे..................
ढोलक भी बजाना है ,मृदंग भी बजाना है।
भोलेनाथ के आगे बोल बम भी गाना है।
धन-दौलत देते हैं भर महादेव
विराज रहे घर-घर महादेव
सबको देगे वर महादेव
विराज रहे........
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