हरी-हरी चूड़ियाँ
हाथों में शोभ रही हरी-हरी चूड़ियाँ।
गोरी कलाई पर भरी-भरी चूड़ियाँ।
लगती है सावन की हरियाली-सी।
जब-जब चूड़ियाँ खन-खन खनकती।
गोरी की पायलिया झन-झन झनकती।
सुर लग रही है बड़ी मतवाली-सी।
माँग में सिन्दूर और होठों पर लाली।
माथे पर बिन्दी ओर कानों में बाली।
कमर लचकाती फूल की डाली-सी।
सुजाता प्रिय 'समृद्धि'
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