S. जीवन की कड़ी
भीड़ के पीछे
चलना छोड़ो
उसके बीच में
अपना रास्ता बनाओ
लोग क्या कहेंगे,क्या सोचेंगे
इसे छोड़ अपनी राह चलते जाओ
मुश्किल से भाग मत,उससे टकरा जा
असफलता से भी मत घबरा,कोशिश कर
धैर्य रखो!क्योंकि सफ़लता समय लेती है
परीक्षा भी लेती है, कुछ सिखाती भी है
सभी को छोड़ो, स्वयं पर भरोसा रखो,
क्योंकि तुम स्वयं ही अपना मित्र हो
प्रारंभ किया है तो पूरा भी करो
पूर्णता ही जीवन की कड़ी है
सुजाता प्रिय समृद्धि
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