धूर्त की पहचान
मीठी-बोली बोलना,धूर्तों की पहचान।
मीठा-मीठा बोलकर,बात सभी ले जान।।
हर मानव से दोस्ती,करते आठो याम।
भले-मानुस बने सदा,जपे राम का नाम।।
मिल्लत की बातें बता,दिखलाते हैं प्यार।
आग पीठ पीछे लगा,लड़वाते ललकार।।
मुँह पर करते हैं सदा,प्यारी-प्यारी बात।
पीठ पीछे वही करे,जा करके आघात।।
दिल की बाते पूछते,मीठी बोली बोल।
वक्त-मिले तो आपके,राज सभी दे खोल।।
करो सभी से दोस्ती,पर रखो यह ध्यान।
जितना ही दरकार हो,उतना ही दो मान।।
देते धोखा चाल चल,सुनो खोलकर कान।
बार हैं करते पीठ पर,रहो तुम सावधान।।
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