संगठन में शक्ति
एक किसान के थे चार बेटे ।
चारो मिलकर खूब झगड़ते ।
किसान ने उनको समझाया।
पर बेटों को समझ न आया।
किसान ने एक योजना बनाई।
उनसे आठ लड़कियाँ मंगाई।
चार को साथ रस्सी से बंधा।
चार को अलग - अलग रखा।
प्रत्येक पुत्र को पास बुलाया।
बँधी लकड़ियों को तोड़बाया।
पर लकड़ियां उनसे नहीं टूटी।
मिलकर पाई थी मजबूती।
एक - एक लकड़ी पकड़ाया।
उनको उन चारो से तुड़वाया।
टूटी वह बिना लगाए जोर।
अकेली लकड़ी थी कमजोर।
तब लड़कों को समझ आया।
सब आपस में हाथ मिलाया।
बोले अब हम सब नहीं लड़ेंगे।
हम-सब मिल- जुलकर रहेंगे।
संगठन में शक्ति बहुत है भाई।
है बँधी लड़कियों -सी सच्चाई।
No comments:
Post a Comment