Tuesday, September 19, 2023

गणेश वंदना ( दोहा छंद)

गणेश वंदना ( दोहा छंद)

देव गणपति पधारिए,आज हमारे धाम।
चरणों में मस्तक नवा,करते हम प्रणाम।।

मन से लोग पुकारते, लेकर उनका नाम।
जीवन सदा संवारते,बनते बिगड़े काम।।

दीन-हीन जो लोग हैं, रखते उनकी लाज।
अपने भक्तों के सदा,सफल करें सब काज।

मूषक वाहन चढ़ सदा, करें भ्रमण चहुं ओर।
आपद-विपद सभी हरें,चाहे जितना घोर।।

विघ्नेश्वर-संकट हरण,सबके दीनानाथ।
अपने भक्तों के सदा,सिर पर रखते हाथ।।

         सुजाता प्रिय 'समृद्धि'

Monday, September 18, 2023

तीज

तीज का त्यौहार आया, निर्जला उपवास है।
व्रत रखती नारियों के,मन में बड़ा उल्लास है।।
बालू की त्रिमूर्ति बना कर बहुत विश्वास से।
पूजती सती-गौरी-शंकर,को वर की आस से।।

स्नान कर वस्त्राभूषण,पहना पुष्प की माल को।
सिंदूर-रोली को लगाकर,सजाती सबके भाल को।
गौरी शंकर को मनाती,करती मन से वंदना।
संग उनके हैं विराजे, कार्तिक गणपति नंदना।।

मेवा मोदक भोग है,संग रख मिष्ठान को।
कर आरती कर्पूर की,करती नमन भगवान को।।
मांगती वर ईश से, सौभाग्य की कर कामना।
हे प्रभु सौभाग्य दो,मन यही है भावना।।
           सुजाता प्रिय 'समृद्धि'

Sunday, September 17, 2023

जय विश्वकर्मा भगवान (कविता)

जय विश्वकर्मा भगवान

आदि शिल्पी विश्वकर्मा नमन बारम्बार।
नमन बारम्बार तुझको नमन बारम्बार।

ध्यान धर तेरे चरण में,जोड़ूंँ अपने हाथ।
दण्डवत प्रणाम कर,झुकाऊँ अपना माथ।
श्रद्धा से तुमको चढ़ाएँ,हम पुष्प- हजार ।

तूने सिखाया है हमें,कला ज्ञान-विज्ञान।
तेरी ही माया से हम,करते नित अनुसंधान।
सारी सृष्टि में उद्योग के तुम हो रचनाकार।।

तेरी कृपा से ही हे स्वामी, कारखाने है बने।
आसान हुए काज सारे, निर्माण होते सौ गुणे।
तेरे ही आशीष से होता,सपने सभी साकार।

सड़क-पुल हमने बनाए,किये भवन निर्माण।
बाँध-रेल नौका बनाए,बनाए तोप विमान।
आत्मरक्षा करने के लिए,बनाये हम हथियार।
            
       सुजाता प्रिय 'समृद्धि'

Friday, September 15, 2023

अभियंता दिवस (आलेख)



अभियंता दिवस

भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के जन्मदिन पर उनको श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु हम सभी भारतवासी राष्ट्रीय अभियंता दिवस मनाते हैं।यह सच है कि एम विश्वेश्वरैया जी देश के महान अभियंता थे ।देश के विभिन्न परियोजनाओं के निर्माण में अपनी महती भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से ही हमारा देश बड़े -बड़े उद्योग चला रहा है।उनके बहुमुखी प्रतिभा को तथा देश के प्रति उनके योगदान एवं समर्पित भावना को नमन।
            इन महान अभियंता के साथ -देश के आदि शिल्पियों, अभियंताओं को भी नमन जिन्होंने अपने शिल्प कला का ऐसा छाप छोड़ा जिसका प्रमाण आज भी मौजूद है। भगवान विश्वकर्मा द्वारा बनाए गए भवनों, मंदिरों को हम आज भी देख रहे हैं।नल-नील द्वारा निर्मित समुंद्र पर बना पुल का अवशेष आज भी मौजूद है।
अन्य भी बहुत सारे वास्तुकार थे जिन्होंने अभियंत्रण की परंपरा चला दी। अभियंता दिवस पर सभी अभियंताओं को सादर वंदन-अभिनंदन

सुजाता प्रिय 'समृद्धि'

Tuesday, September 12, 2023

आ सुर मिला लें (गीत )

आ सुर मिला लें (गीत)

आ सुर मिला लें जरा,
      एक नए अंदाज में।
         साथ गुनगुना लें जरा,
              एक सुर के राग में।

सुर  को  सँवार लें,
   लय को निखार लें।
       बेसुरे   रागों   को,
         थोड़ा हम सुधार लें।
           सुर को सजा लें जरा,
               एक प्यारे अंदाज में।
                 साथ गुनगुना लें जरा,
                    एक  सुर के  राग में।

आ साथ मिलके हम,
      छेड़े आज सरगम।
        मधुर -मधुर तान दे,
            तरs रs तरम पम।
              दिल बहला लें जरा,
                  एक नए अंदाज में।
                    साथ गुनगुना लें जरा,
                        एक सुर के राग में।

मिल्लतों की  रीत  हो,
  सबको सबसे प्रीत हो।
      सबके सुरों में  आज,
         एकता  के  गीत  हो।
           एक लय में गा लें जरा,
               एक  नए  अंदाज  में।
                  साथ गुनगुना लें जरा,
                      एक  सुर  के राग  में।

                       सुजाता प्रिय 'समृद्धि'

Friday, September 8, 2023

शिव -पार्वती (विधाता छंद)

शिव पार्वती (विधाता छंद)

भवानी संग शिव-शंकर,चढे हैं वृषभ के ऊपर।
उतर कैलाश पर्वत से,मगन हो घूमते भू पर।

मिले जो भक्त राहों में,उसे वरदान देते हैं।
विनय कर जो बुलाते हैं,सभी की शुद्धि लेते हैं।

जटे में गंग की धारा,चमकता चांद है सिर पर।
विराजे कान में कुण्डल,अजब मुस्कान है मुख पर‌।

गले में नाग की माला,तिलक चंदन लगाए हैं
बढ़ी शोभा कमण्डल की,बदन में भस्म लगाए हैं।

लिए हैं हाथ में डमरू,बजाते डम डमा डम-डम।
थमा त्रिशूल है कर में, चमकता चम-चमा चम-चम।

फँसी नैया उबारेंगे,हमें बस आस है उनपर।
सदाशिव अब पधारेंगे,सदा विश्वास है उनपर।

यही आशीष दो सबको,सभी जन आज सुख पाएँ।
नहीं कोई बुराई हो,कभी कोई न दुख आए।

सुजाता प्रिय समृद्धि

Wednesday, September 6, 2023

मुस्कुराता चल (गीत)

मुस्कुराता चल

मुस्कुराता चल सदा तू,मुस्कुराता चल। 
मन से दुःख को दूर करने,मुस्कुराता चल।
मुस्कुराता चल सदा तू..........
मुस्कान वह हथियार है जो,दुःख को करता है पराजित।
उमंग को मन में है लाता,सुख से दुःख करता विभाजित।
मुस्कान है हथियार सुख का यह बताता  चल।
मुस्कुराता चल सदा तू......
मुस्कान है शृंगार तेरा,रह सदा तू सज-सँवर।
मुस्कान की उपचार से,दु:ख-दर्द होता बेअसर।
मन के छाले को छुपा लो,सुख दिखाता चल।
मुस्कुराता चल सदा तू,........
मुस्कुरा तू फूल जैसे,कर दंश भौरों का सहन।
शीत-ताप को अंग से लगा,मुस्कान की चोला पहन।
दुख से नहीं घबराएँगे हम, यह बताता चल। 
मुस्कुराता चल सदा तू........
देखना मुस्कान से दुःख भी सदा घबराएगा।
मुस्कान की आभा से डर,निकट न  तेरे आएगा।
मुस्कुरा कर तुम जहाँ से दुःख भगाता चल।
मुस्कुराता चल सदा तू............

सुजाता प्रिय समृद्धि