Sunday, August 2, 2026

शिव शंकर का दरवार

शिव शंकर का दरवार 

सावन का महीना,शिव-शंकर का दरवार। 
जो भी आते उनका,हो जाता बेडा पार।
सावन का.......
बाबा का देखो रूप निराला।
तन पर ओढे हैं मृग छाला।
भोले के जटे से बहे जलधार। 
गले में देखो लटका है साँप का हार। 
सावन का.......
डम-डम डम-डम डमरू बजाते।
बम-बम बम-बम कह गीत गाते।
नाचते तो करे,त्रिशूल टंकार। 
गौरी माँ पायल करे झंकार। 
सावन का..........
भोला के चरणों में,ध्यान लगाओ। 
इच्छित फल बाबा भोला से पाओ।
महल-अटारी,रुपया हजार। 
सब-कुछ देंगे भोला,जाओ उनका  द्वार। 
सावन का..........
शिव शंकर हैं ,औढर दानी।
भक्तों को देते हैं वर मनमानी।
बड़े-छोटे का न करते विचार। 
सभी भक्तों को बाबा,देते अपना प्यार। 
सावन का........
        सुजाता प्रिय 'समृद्धि'