1, स्त्री मन
उपेक्षा
अवहेलना,
तिरस्कार फटकार
सहकर भी
मन के
क्षोभ-भय-तृष्णा
को दमन कर
रखती मन में कामना
परिवार की
सुख-समृद्धि
शांति-सुरक्षा की
पूरी करती
मन्नतें
रख व्रत-उपवास
माँगती आशीष
आँचल फैलाकर
हे परमेश्वर!
दीनानाथ! दया करो,
सब पाप हरो
भूल-चुक,गलती
सब माफ करो
सबकी भला करो
सुजाता प्रिय समृद्धि