Monday, November 15, 2021

आप ही को वोट देंगे ,वार्तालाप ( व्यंग्य)

आप ही को वोट देंगे 
वार्तालाप ( व्यंग्य )

अरे,अरे राजमहल चाचा ! प्रणाम जी प्रणाम ! आइए बैठिए।चाय, काफी,ठंढई के साथ कौन-कौन मिठाई मंगवाए ? साथे में हांट- डांग, एग रोल और मुर्ग मुसल्लम तो खैबै करिएगा। गांव के रोड जैसन टुटल पुड़िया तो खाय में कोय हरजा नै है।थोड़े-थोड़े देर में लाके देले जाएंगे।
अरे हां रे बब्बनमा ! उ तो हमें एने  से जा रहे थे।सोचे जरा भतीजा से मिलले जायं।
अरे हां चाचा ! उ हम भुलाइए गये कि चुनाव चल रहा।आपका तो पहिये छाप न है काका ?
आउर का तुम तो जानबे करता है सारा विकास तो पहिये में है।
हां चाचा पांच साल के विकास देख कर हमलोग जितना अघाएं हैं कि दुसर छाप के बटन के दबाबे ले अंगुली पहुंचिए नै सकता है। सारा कस्बा के लोग आप ही को वोट देगा। कारण कि चुनाव जीतने से पहले से भी ज्यादा आप चुनाव जीतने पर रोज विकास के आश्वासन देते हैं। सड़क पुलिया के निर्माण करने के लिए कहे थे।सो आज तक कह रहे। स्वास्थ्य केंद्र खोलने कहे थे, आज तक कह रहे हैं। आंगनबाड़ी और विद्यालय भवन निर्माण करवाने बोले थे, आज तक कह रहे हैं। तालाब-पोखर की सफाई का काम हर साल कहते हैं।सबको बिजली-पानी की व्यवस्था  दिलाने की बात आज तक करते हैं। पंचायत भवन निर्माण कार्य का शुभारंभ करने के लिए हर पंचायत में करते हैं।कोय काम नै छुटा हुआ जिसको करवाने से आप मुंह मोड़ते हैं।तब कहिए आपको छोड़कर वोट आखिर किसके झोली में जाएगा ?
हां बेटा ! ई काम हम कभी नै करते हैं।दूसर पंचायत में सड़क  बनबाया लोग ,पांच साल लगते-लगते सब टूट गया। पंचायत और विद्यालय भवन खड़ा हो गया लेकिन छत आज तक नहीं बना। साफ-सफाई के काम कहियो होता है कहियो नै होता है।एको काम कहो तो कि शुरुआत करके पूरा भी किया।
ओह चाचा ! उ बात तो हम खुदे कह रहे हैं कि उससे अच्छा तो आप हैं कि सबको बहला-फुसलाकर रखें हैं।झुठ-मूठ के दिखावा तो नहीं किए ‌ कहीं बेकार के पैसा तो नहीं बहाए। इसलिए तो आप वोट के पूरा अधिकारी हैं।आपके अतिरिक्त एक भी वोट किसी को पड़ना नहीं चाहिए।हम खुद भी आपको वोट देंगे और आपके कार्यों को याद दिलाकर सबको उत्साहित भी करेंगे।इस बार उहो आश्वासन के जरुरत नहीं है । हम सब अपने मन से आपको वोट देंगे।बाकी तनी पनियों पीके जाते तो अच्छा लगता।वोटबा तो आपको देबे करेंगें।
           सुजाता प्रिय 'समृद्धि'

No comments:

Post a Comment