Saturday, June 12, 2021

आया बादल



उमड़-घूमड कर आया बादल।
है आसमान में छाया बादल।
धरती से मिलने को आतुर,
अपनी बारात सजाया बादल।

चमक रही बिजली की लरियां,
फुहारों की रिमझिम फुलझडियां।
नभ में रह-रह छुटे पटाखे,
झम-झम कर हरसाया बादल।

आने वाला है अब सावन।
दृश्य सुहाना ले मनभावन।
पवन के झोंके के संग नाचे,
झूम-झूम लहराया बादल।

झम-झम-झम पानी बरसाने।
धरती पर हरियाली लाने।
तपती बसुधा के आंचल में,
नव सौगात ले आया बादल।

     सुजाता प्रिय 'समृद्धि'

1 comment:

  1. गर्मी में बहुत सुकून देती रचना .... बहुत खूब .

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