जीवन के
कुछ झंझावात
ऐसे भी होते हैं
जिसमें
न तो कोई हवा,न तीव्र आंधियां
न कोई तुफान
न मूसलाधार वर्षा
न बादलों का गरजना
न बिजली का कड़कना
न किसी तरह की ओलावृष्टि
बस हल्का-फुलका-धीमा अंधड
और छोटा-मोटा-सा उठता बबन्डर
गर्म हवा का तेजी से उठना
आ शनैः-शनैः व नन्हें-नन्हें
कोमल बूँदों का बरसाना
फिर जीवन के कुछ पन्नो को
झट से उड़ाना और भीगाना
और? और, फिर वही
ऐसा जैसे कुछ हुआ ही नहीं ?
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
सुजाता प्रिय 'समृद्धि'
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