Monday, October 5, 2026

वक्त को साथी बनाना सीख लो

वक्त को साथी बना सीख लो

वक्त को  साथी  बनाना सीख  लो।
   साथ उसका तुम निभाना सीख लो।
      वक्त के संग  चलना तुमको  है सदा-
         कदम उससे तुम मिलाना सीख लो।

राह अपना  तुम बनाना  सीख लो।
   पैर  उसपर  तुम बढ़ाना  सीख लो।
      राहों  के  कंटक अगर  पग  में गड़े-
         पुष्प उसपर तुम बिछाना सीख लो।

वक्त  को  तुम आजमाना  सीख लो।
   भरोसे मन को भी दिलाना सीख लो।
      वक्त  ने  जो  जख्म  तुझको  हैं दिए -
         मरहम उसपर तुम लगाना सीख लो।

मन को भी तुम  समझाना सीखो लो।
   सबके  दिल  में तुम  समाना सीख लो।
      कोई तुमको देखता नही,फिकर न करो-
         खुद को खुद पर तुम रिझाना सीख लो।

तुम  भी करना  कुछ  बहाना सीख लो।
   रूठों हुए  को  तुम मनाना सीख लो।
      कोई  जलता  है  अगर  तुम्हें देखकर-
         दिल उसका भी तुम जलाना सीखो लो।
          
              सुजाता प्रिय 'समृद्धि'

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