Thursday, May 5, 2022

गज़ल

 बहारों छेड़ दो सरगम (ग़ज़ल )

हमारे साथ देखो तो,खड़ा सारा जमाना है।
बहारों छेड़ दो सरगम, हमें उत्सव मनाना है।

ऊपर चाँद तारे भी, मिल हठखेलियाँ करते,
उन्हीं के जैसे धरती पर, हमें दीपक जलाना है।

आओ पास बैठे हम, खुशी के गीत भी गाएं,
सुर मिल्लत की हम छेड़े,संग अपना तराना है।

सभी को साथ लेकर हम, बढ़ाएंगे कदम अपने,
जो हैं रूठे हुए हमसे, उन्हें हमको मनाना है।

साथी फूल बरसाओ, मीठी रागिनी गाओ,
किसी भी हाल में करना, नहीं कोई बहाना है।
            सुजाता प्रिय 'समृद्धि'

1 comment:

  1. ऊपर चाँद तारे भी, मिल हठखेलियाँ करते,
    उन्हीं के जैसे धरती पर, हमें दीपक जलाना है।\
    .. बहुत सुन्दर

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