मुहब्बत का पैग़ाम
माना कि तुमसे मेरा
खून का रिश्ता नहीं
पर अहसास से तो
जुड़े हुये हैं हम
तेरी झिड़की पर
मेरा शांत हो जाना
मेरी नाराजगी पर
तेरा खामोश हो जाना
असली मुहब्बत को दर्शाता है
क्योंकि रिश्ते को निभाने के लिए
शब्द नहीं,नीयत होनी चाहिए
एक-दूसरे के दर्द को
जज्बा को जज्बातों को
समझना ही
मुहब्बत का पैगाम है
उन दोनों की शादी हो गई
इस समाचार से ही
विवाह संपन्न नहीं होता
जरूरत होती है एक-दूसरे के
अंतर्मन को जानने-समझने
और सहयोग देने की
सुजाता प्रिय समृद्धि
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