स्वतंत्रता के मायने
पात्र परिचय
रेशमी-सात वर्षीय चुलबुली लड़की
मां-रेशमी की मां
मां -बेटी! तितलियां मत पकड़ो।
रेशमी-क्यों मां ? आज स्वतंत्रता दिवस पर मैं स्वतंत्र होकर अपना काम करना चाहती हूं।
मां-लेकिन स्वतंत्र होने का मतलब यह तो नहीं कि तुम कोई भी काम करो ?
रेशमी-तितलियां पकडना कोई बुरा काम तो नहीं ?
मां-बुरा क्यों नहीं?तुम उसे पकड़ कर बंधन में रख रही हो।
रेशमी-हम स्वतंत्र देश के नागरिक हैं। "स्वतंत्रता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है"।यह बात हमें आज झंडोतोलन के बाद विद्यालय में बताया गया है।
मां-लेकिन स्वतंत्रता का मायने यह नहीं कि सिर्फ मैं स्वतंत्र रहूं।
रेशमी-खीजकर हाथ नचाते हुए-तो फिर क्या है स्वतंत्रता के मायने ?
मां- स्वतंत्रता के मायने हैं कि हम स्वतंत्र रहे। स्वतंत्रता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है ,न कि मेरा। इसलिए हमें सभी प्राणियों की स्वतंत्रता का ख्याल रखना चाहिए। हमें किसी को अकारण बंधन में जकड़कर रखने की स्वतन्त्रता नहीं । ये उड़ने वाले जीवों को उड़ने की स्वतंत्रता है। फिर हम इन्हें पकड़कर परतंत्र नहीं करना चाहिए।
रेशमी- हाथ में पकड़ी तितलियों को उड़ाती हुई। ठीक है मां अब मैं किसी जीव को इस प्रकार नहीं पकड़ूंगी।
सुजाता प्रिय 'समृद्धि'
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