अपराजिता
Monday, February 16, 2026
सौन्दर्य
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देखकर आईने में सूरत निहारती। बड़े ही जतन से सजाती-संवारती। साँवली सूरत को गोरी बनाने को। दागदार चमड़ी को कोरी बनाने को। सौंदर्य-प्रसाधनों से...
Sunday, February 8, 2026
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सपने कभी लड़कपन में हमने जो देखे सपने काश!अभी वे हो जाते अपने ऊँची उड़ान भरते ...
आईना
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1. आईना हम आईने को लाख साफ कर लें चेहरे पर नकाब है त...
आया सुंदर भोर
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, आया सुन्दर भोर उठ भाई अब आलस्य त्याग मिटा मन के सारे अवसाद आया प्यारा सुंदर भ...
2 comments:
Friday, January 30, 2026
खुशबू चमन से (ग़ज़ल)
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खुशबू चमन से चुराया किसी ने है खूशबू चमन से। मगर है न जाता महक मेरे मन से। बहारों का मौसम, फिजा में समाया, मग़र वह महक न आता वदन से। ...
Thursday, January 29, 2026
,माँ शारदे भवानी
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माँ शारदे भवानी माँ शारदे भवानी इतनी कृपा तू करना। मुझ मूढ के हृदय से अज्ञानता को हरना। । तेरे चरण में माता हम शीश हैं नवाते। कर जोड़कर ...
मुहब्बत का पैगाम
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मुहब्बत का पैग़ाम माना कि तुमसे मेरा खून का रिश्ता नहीं पर अहसास से तो जुड़े हुये ...
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