मंदिर पिरामिड
हे
शम्भु
भोले नाथ
पुकार सुन लीजिए
स्वीकार करें मेरी प्रार्थना
आप आकर मेरा दुख हर लीजिए
आपके शरण में हम, यही आस लेकर आए हैं
नाथ!अपने मन में यही विश्वास लेकर आए हैं
मुझ दीन- दुखियों के आप ही दीनानाथ हैं
मेरे संग कोई नहीं,आप मेरे साथ हैं
हे देवों के देव मुझे शरण में लीजिए
हे महादेव शिव आप कृपा कीजिए
हे त्रिपुरारी शंकर संताप हर लीजिए
दुःख सब हर महादेव सुख सभी दीजिए
दूर कर मेरी दूर्दशा को, जीवन मेरा संवारिए
तारे हैं आप अधमो को, हमको भी तारिए
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