अपराजिता
Sunday, August 9, 2026
ज्ञानामृत बरसाओ
अप्रत्यक्षित ज्ञान उजागर कर दो।
समस्त ज्ञान का गागर भर दो।
जग में ज्ञानामृत बरसाओ।
अच्छा क्या होता बुरा क्या होता।
मूढ जगत में कैसे है रोता।
आगे बढ़कर सबको दरसाओ।
कैसे ज्ञानी जग में उठते।
अज्ञानी के दम कैसे हैं घुटते।
सबको बोलो सबको समझाओ।
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